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पिता चलाते थे ऑटो, खेलने के लिए नहीं थे जूते, भाई ने कर ली थी आत्महत्या, फिर भी राजस्थान का ये गेंदबाज पहले मैच में बन गया स्टार

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“आसमानों से कहो अगर हमारी उड़ान देखनी है तो अपना कद उंचा कर ले” ये लाइनें राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के तेज गेंदबाज चेतन सकारिया (Chetan Sakariya) पर बिल्कुल सटीक बैठती है. सोमवार को अपना डेब्यू मैच में सकारिया ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 31 रन देकर 3 अहम विकेट हासिल किए. इस साल फरवरी में हुए आक्शन में राजस्थान की टीम ने चेतन को 1.5 करोड़ में खरीदा था. चेतन की कहानी काफी दर्दभरी है लेकिन इस युवा खिलाड़ी ने सब मुश्किलों को पार किया है.

23 साल के चेतन सकारिया के परिवार की स्थिती बहुत ही खराब थी. उनके पिता टैंम्पो चलाते थें. सकारिया ने ही एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता कांजीभाई को पसंद नहीं था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले क्योंकि वह इसे अमीरों का खेल मानते थें. एक समय चेतन के घर में टीवी भी नहीं था उन्हें टीवी देखने के लिए दूसरों के घर जाना पड़ता था. बता दें कि इतना ही नहीं, चेतन के भाई ने इसी साल जनवरी में आत्महत्या कर ली थी, वह उस समय सैयद मुश्ताक अली ट्रोफी में खेल रहे थे.

बता दें कि राज्स्थान के कप्तान सैमसन ने टॉस जीतकर पंजाब किंग्स को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया जिसके बाद आईपीएल में पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज चेतन सकारिया (31 रन पर तीन विकेट) ने तीसरे ओवर में ही मयंक अग्रवाल (14) को विकेटकीपर कप्तान के हाथों कैच करा दिया. अपनी गेंदबाजी के अलावा उन्होंने अपनी जबरदस्त फील्डिंग से भी सबको चौंकाया. 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर सकारिया ने फाइन लेग पर निकोलस पूरन का हैरतअंगेज कैच लपका. इस मैच राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन (Sanju Samson) 63 गेंदों पर लगाया गया तूफानी शतक भी टीम को जीत ना दिला सका.